This Program in Hindi is to preach the everlasting Gospel of the Lord Jesus Christ. “For God so loved the world that He gave His only begotten Son, that whoever believes in Him should not perish but have everlasting life”. Jesus Christ is Coming soon यह कार्यक्रम हिन्दी में प्रभु येशू के सनातन सुसमा…

विनम्रता आंतरिक श्रृंगार है, जिसे परमेश्वर बहुत मूल्यवान समझता है। यह सोने, मोतियों या कीमती आभूषणों से भी अधिक उत्कृष्ट और मूल्यवान हैं।

परमेश्वर हमारे बहुत पापों को क्षमा किए हैं, इसलिए हमें दूसरों के पापों को क्षमा करना है।

परमेश्वर के संदेशवाहकों को बुलाया जाता है कि वे सुसमाचार उन सब लोगों को दें जो दुनिया में भटक गए हैं कि उन्हें आशा मिले और उन्हें परमेश्वर के दावत में निमंत्रण करें।

दावत का निमंत्रण सबसे पहले यहूदी लोगों को दिया गया था; जब उन्होंने इस आह्वान को अस्वीकार कर दिया, तो सुसमाचार का आह्वान अन्यजातियों को दिया जाता है।

फरिसी का मनोदृष्टि दिखलता था कि वह परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करने को निश्चित था परन्तु जिस शर्त पर उद्धार प्रतिज्ञा किया गया है उसे मानने को तैयार नहीं था।

यीशु हमारे लिए परमेश्वर से और एक मौका के लिए प्रार्थना कर रहा है, हमें इस मौका में फल लाना है।

यीशु के पास आने में पीछे न रहें जब तक कि आप अपने आप को बेहत्तर न बना लें, या उतना अच्छा न बन जाएँ कि आप ईश्वर के पास आने के लायक हों, अन्यथा आप आएंगे ही नहीं।

वह पिता का प्रेम ही था जो उड़ाऊ पुत्र को घर की तरफ ले जा रहा था।

धन्य वचनों में ( मत्ती 5: 3-12) जो यीशु का पहाड़ी उपदेश (मत्ती 5-7) का अंश है, उसने सच्ची खुशी के लिए नुस्खे दी है।

जल्द ही एक दिन पूरा ब्रह्मांड हमारे राजाओं के राजा की अंतिम विजय और धार्मिकता के शाश्वत शासन के उद्घाटन का आनन्दपूर्वक जश्न मनाएगा।

परमेश्वर की असीमित शक्ति हमारी मदद करने, हमारी रक्षा करने, और सभी परिस्थितियों में हमारा मार्गदर्शन करने के लिए उपलब्ध है।

समस्त सृष्टि का परमेश्वर हमारे निमंत्रण का इंतजार कर रहा है कि वह हमारा सबसे प्रिय मित्र और निकटतम साथी बने, ताकि हम उसके विशेष लोग बन सकें।

मनुष्य के विद्रोह का सामना करने के लिए, परमेश्वर ने मसीह में मेलमिलाप का एक ऐसा माध्यम प्रदान किया जो प्रत्येक पापी के लिए उसके प्रेम को प्रमाणित करता है।

अपने बच्चों के प्रति प्रेम के कारण, परमेश्वर उन सभी को लाभदायक सलाह देता है जो उसकी ओर देखते हैं।

प्रकृति और शास्त्रों में प्रकट और उसके पुत्र के जीवन में पूरी तरह से प्रदर्शित मानवजाति के लिए परमेश्वर का प्रेम सभी तक पहुँचता है।

प्रकृति और शास्त्रों में प्रकट और उसके पुत्र के जीवन में पूरी तरह से प्रदर्शित मानवजाति के लिए परमेश्वर का प्रेम सभी तक पहुँचता है।

ब्रह्मांड का प्रभु, अपनी पूर्णता, शक्ति और महिमा के कारण, सबसे अलग है - अर्थात, पवित्र - बाकी सब से ऊपर।

ईश्वरत्व में से एक मनुष्य बनने को तैयार हुआ कि हमें अपना प्रतिस्थापन और ज़मानत प्रदान की जा सके और हमें हमारे पाप-पूर्व पूर्णता में वापस लाया जा सके।

ब्रह्मांड का प्रभु, अपनी पूर्णता, शक्ति और महिमा के कारण, सबसे अलग है - अर्थात, पवित्र - बाकी सब से ऊपर।

ईश्वरत्व में से एक मनुष्य बनने को तैयार हुआ कि हमें अपना प्रतिस्थापन और ज़मानत प्रदान की जा सके और हमें हमारे पाप-पूर्व पूर्णता में वापस लाया जा सके।

ईश्वरत्व अस्तित्व और प्रकृति में तीन दिव्य सत्ताओं से मिलकर बना है, जो उद्देश्य और कार्य में एकीकृत हैं, किन्तु व्यक्तित्व में भिन्न हैं।

अपने सृजित प्राणियों के सृष्टिकर्ता, न्यायाधीश और उपकारकर्ता के रूप में, परमेश्वर समस्त ब्रह्माण्ड पर प्रभुता रखता है।

हमारा परमेश्वर सदाकाल से सदाकाल तक का परमेश्वर है। उसे छोड़ और कोई परमेश्वर नहीं है। वे हमें सबसे कठिन परिस्थिति में भी बचा सकते हैं।

जैसे प्रकाशितवाक्य के सात कलिसियायों को महान संघर्ष में यीशु के चेतावनी और प्रोत्साहन हैं, वैसे हमें भी हैं।

पतरस के लेखन में महान-विवाद विषय की भरमार है जैसे कि वह इस वास्तविक संघर्ष से वकिफ था और हमें सचेत रहने की चेतावनी दी है।

पौलुस परमेश्वर का शक्तिशाली सेवक था। उसके लेखन में महान-विवाद विषय की भरमार है।

यीशु को अपने अनुयायियों के सामने सबसे बड़ी बाधा उनकी पूर्वधारणाएँ थीं। दस दिनों की प्रार्थना और परमेश्वर की उपस्थिति में घनिष्ठ संगति इसमें बदलाव लायीं।

यीशु की शक्ति शैतान से अधिक शक्तिशाली है, और यदि उसके अनुयाई उससे चिपके रहेंगे तो शैतान उन्हें पराजित नहीं कर सकता है।

यीशु की शिक्षा द्वारा हम महान विवाद को समझ सकते हैं।

यीशु ने जंगल में शैतान पर विजय पाने के लिए पवित्रशास्त्र का इस्तेमाल किया। और हम भी पवित्र शास्त्र का इस्तेमाल करके शैतान पर जीत प सकते हैं।

न्यायियों का समय पवित्र इतिहास में एक अराजक काल था। फिर भी, परमेश्वर अपने बच्चों को बचाने के लिए उद्धारकर्ता भेजता जब वे उसे पुकारते।

विद्रोह और पाप परमेश्वर द्वारा बनाई गई हर चीज़ को नष्ट कर देते हैं। पर, परमेश्वर की विश्वासयोग्यता, अपने परेशान बच्चों को बचाने में जारी रहती है।

मनुष्य को कभी भी मरने के लिए नहीं बनाया गया था; हमें परमेश्वर की योजना में भरोसा करना है।

पाप की शुरुआत एक रहश्य है। प्रेम का परमेश्वर अपने सब सृजे प्राणियों को स्वतंत्र चुनाव दिया है, और उनसे स्वेच्छा आज्ञाकारी चाहता है।

बुद्धिमान कुवारियाँ अ पने दिये और अपने साथ अतिरिक्त तेल भी लीं। मूर्ख कुवारियाँ अपने दिये लिए परन्तु अपने साथ पर्याप्त तेल नहीं लीं।

परमेश्वर इस्राएलियों के लिए समुद्र के बीच रास्ता बनाए फिर उसी सागर में उनके दुश्मन मिस्र की सेना को डूबा दिये तब मूसा और इस्राएलियों ने विजय के गान गाया।

जब इस्राइल मिस्र से निकला और मरुभूमि में मिस्र की सेना उनकी पीछा करते आ रहे थे तो परमेश्वर का दूत बादल में मिस्र के सेना और इस्राइल के बीच आ गया।

मिस्र की विपत्तियाँ में परमेश्वर ने इसराइलियों को बचाया और मिस्र राष्ट्र के जादूगरों में भरोसा रखने की मूर्खता का एहसास किया गया।

मिस्र की विपत्तियाँ में परमेश्वर ने इसराइलियों को बचाया और मिस्र राष्ट्र के जादूगरों में भरोसा रखने की मूर्खता का एहसास किया गया।

मिस्र में प्रत्येक विपत्ति आने से पहले, मूसा को फिरौन से उसके स्वरूप और प्रभावों का वर्णन करना था, ताकि राजा चाहे तो उससे बच सके।

मूसा पहाड़ों के मध्य प्रकृति में परमेश्वर से उसके महानता के विषय और अपने भेड़ों को देखभाल करने के लिए धैर्य सीखा।

विश्वास से यूसुफ ने, जब वह मरने पर था, तो इस्त्राएल की सन्तान के निकल जाने की चर्चा की, और अपनी हड्डियों के विषय में आज्ञा दी।

याक़ूब मिस्र में मरने पर विश्वास का देश कनान में दफनाये जाने का चाह रखता था क्योंकि उसका मन प्रतिज्ञा के देश में गड़ा था।

युसुफ अपने को प्रकट करने से पहले अपने भाइयों को जाँचना चाहते थे कि उनमें सच्चा पश्चाताप हुआ है और उनमें सच्चा परिवर्तन आया है।

कनान में अकाल के कारण याक़ूब के बेटों को अनाज़ खरीदने मिस्र जाना हुआ जहाँ के राज्यपाल उनसे सख्त व्यवहार किया। उन्हें अब मालूम नहीं था कि वह उनका भाई है।

एक समय युसुफ पोतिफर के घर में दास का काम करता था पर अब वह राजा फिरौन का विश्वस्त मंत्री के रूप में पूरे मिस्र देश की सेवा कर रहा था।