This Program in Hindi is to preach the everlasting Gospel of the Lord Jesus Christ. “For God so loved the world that He gave His only begotten Son, that whoever believes in Him should not perish but have everlasting life”. Jesus Christ is Coming soon यह कार्यक्रम हिन्दी में प्रभु येशू के सनातन सुसमा…

नूह का परीक्षा था कि उपहास के बीच परमेश्वर के वचन में विश्वास करके अपने काम में डटे रह और जहाज के अंदर भी वर्षा आने तक परमेश्वर पर भरोसा रखे रह।

नूह ने परमेश्वर की आज्ञा के अनुसार पापी जगत में अपने और अपने परिवार को बचाने के लिए एक विशाल जहाज़ बनाया।

हनोक लम्बे समय तक परमेश्वर के साथ चला और परमेश्वर उसे जिंदा स्वर्ग ले लिया।

हाबिल ने विश्वास और आज्ञाकारिता को चुना और कैन ने अविश्वास और विद्रोह को चुना।

मनुष्य का उद्धार केवल परमेश्वर के एकमात्र पुत्र के जीवन की बलिदान से संभव था, जो दूतों का सेनापति था; किसी दूत का बलिदान बचा नहीं सकता था।

परमेश्वर की आज्ञा का उलंघन कर, आदम और हव्वा ने वर्जित वृक्ष के फल खाये, और उन्हें निराशा, दु:ख, पीड़ा और मृत्यु मिला।

अदन में आदम और हव्वा को परीक्षा की अवधि में रखा गया था। वे आज्ञा मानकर जीवित रह सकते थे, या अवज्ञा करके नष्ट हो सकते थे।

परमेश्वर ने स्वर्ग और पृथ्वी की सृष्टि की और उसे अपने वचन के सामर्थ से संभाले रखता है।

पाप को अनुमति मिली, शैतान को अपना कार्य करने दिया गया, ताकि पूरे ब्रह्मांड को उसके विद्रोह का परिणाम पता चले और उन्हें पाप से बचाया जा सके।

पाप परमेश्वर की व्यवस्था को तोड़ना है और वह हमें परमेश्वर से अलग करता है।

परमेश्वर के शासन का आधार प्रेम का नियम है। वह अपने सभी सृजित प्राणियों को स्वतन्त्रता प्रदान किया है, और उनसे स्वेच्छा का सेवा चाहता है।

परमेश्वर आमोस को जो एक चरवाहा था अपने सामर्थ से भविष्यवक्ता बनने के लिए तैयार करता है।

यीशु दूल्हा के रूप में अपने कलिसिया को लेने आ रहा है जिससे वह प्रेम किया है और उसे बचाने के लिए अपना प्राण दे दिया।

यीशु हमारा बड़ा भाई स्वर्ग में परमेश्वर के सामने हमारे लिए बिनती कर रहा है जैसे अब्राहम अपने भतीजा लूत को आग से बचाने के लिए परमेश्वर से बिनती कर रहा था।

परमेश्वर चाहता है कि उसके लोग अपने पापों से निकल आएँ, इससे पहले कि वह इस पृथ्वी को उसके पाप के कारण सादोम और आमोरा की तरह नष्ट कर दे।

हमारे सबसे कठिन स्थिति में भी, यीशु हमारे सबसे कठिन समस्याओं को हल करने में शांत रहते हैं, यदि केवल हम उस पर विश्वास करें।

यीशु एक कनानी स्त्री के देश के करीब गए जिसको अपनी बेटी की चंगाई के लिए यीशु की जरुरत थी। किसी को सहायता करने को यीशु के लिए जाति रुकावट नहीं है।

यीशु का दुष्टात्माओं को निकालने की शक्ति और अधिकार उसके अपने स्वर्गीय पिता के साथ गहरी संवाद से आया।

यीशु विश्वास के स्पर्श को लापरवाह भीड़ के आकस्मिक स्पर्श से अलग पहचान सकता है।

यीशु, अंधा बरतिमई को चंगा किया, जो उस में “दाऊद का सन्तान” और उद्धारकर्ता के तौर में विश्वास किया, और उसके पीछे हो लिया।

अंत में दो वर्ग का अनन्त भाग्य इस बात से निर्धारित होगा कि उन्होंने गरीबों और दुखियों के रूप में उसके लिए क्या किया है या क्या करने में लापरवाही बरती है

दुनिया में दो रास्ते हैं, एक सकरा और एक चावड़ा। सकरा रास्ता कठिन लगता है, पर जीवन को ले चलता है। यीशु जीवन का मार्ग है।

परमेश्वर ने हमें वरदानें और जीवन के दान दिये हैं, और वह चाहता है कि हम उसका सदुपयोग भलाई और बढ़ने के लिए करें, और दिये दानों को नष्ट न करें।

एक अच्छा चरवाहा अपने भेड़ की रक्षा करने के लिए अपने प्राण को जोख़िम में डालता है। यीशु अच्छा चरवाहा है जो हमें बचाने के लिए अपना प्राण दिया।

जैसे परमेश्वर ने प्राचीन युग में इजराइलियों को बुलाया था, वह हमें अपने प्रकाश बांटने के लिए बुलाते हैं, और आशा करते हैं कि हम विश्वस्तापूर्वक फल लाएँ।

यीशु अपने लोगों (कलिसिया) को लेने आ रारे हैं। यह मिलन एक प्रेमी और उसके प्रेमिका बहुत दिनों तक एक दूसरे से दूर रहने के बाद मिलने से बढ़कर आनंदित होगा।

यीशु जगत का ज्योति है। वह हमें उसके पीछे हो लेने को बुलाता है कि हम इस संसार की अंधेरे में न जाएँ।

परमेश्वर चाहता है कि हम हमारी शारीरिक भोजन से अधिक जीवन की रोटी को ग्रहण करें जो अनन्त जीवन देता है, हालांकि वही हमारी शारीरिक जरूरतों का प्रबन्धक है।

बेथेस्दा के पास जो यरूसलेम में है यीशु ने एक सब्बत के सुबह एक लंगड़ा व्यक्ति को चंगा किया जो अड़तीस वर्ष से अपंग था और मरने के समीप था।

जबकि कोई भी एक कोढ़ी से छूआ नहीं जाना चाहता था जिसे परमेश्वर से श्रापित समझा जाता था, यीशु उस कोढ़ी को छूता है और शुद्ध करता है।

यीशु ने उस स्त्री को जो व्यभिचार में पकड़ी गयी थी, दंड के जगह दया दिखाया, और वही उसका जीवन बदल दिया।

शिष्य यूहन्ना के जीवन में सच्चे पवित्रीकरण का उदाहरण मिलता है। मसीह के साथ अपने घनिष्ठ संबंध के दौरान यह हुआ।

यीशु लवी मत्ती को बुलाता है जो चुंगी लेने वाला था और धनवान था; इससे बहुतों को बहुत आश्चर्य होता है।

लोभ अन्य कई पाप का जड़ है। परन्तु सन्तोष सहित भक्ति बड़ी कमाई है।

परमेश्वर करुणापूर्वक पृथ्वी पर अपने हरेक बच्चे को बुलाता है जो झुंड से भटककर पाप की दुनिया में ऊड़ाव पुत्र के समान दु:ख भोग रहे हैं।

सूखार की एक सामरी स्त्री जिसे सब तुच्छ जानते थे यीशु से जीवन का पानी पाया और बहुतों के लिए मसीहा का गवाही बनी।

यीशु ने निकोदीमुस को सिखाया कि हरेक कोई जो स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करना चाहता है उसे पानी और आत्मा से दुबारा जन्म लेना होगा।

यीशु ने निकोदीमुस को सिखाया कि हरेक कोई जो स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करना चाहता है उसे पानी और आत्मा से दुबारा जन्म लेना होगा।

यीशु जक्कई का घर गया और उसके लिए उद्धार लाया।

यीशु चाहता है कि जैसे आप आत्मिक और सब बातों में उन्नति करते हैं, वैसे ही स्वास्थ्य में भी उन्नति करते जाएँ।

तब यीशु ने अपने शिष्यों से कहा, "तुम सब अलग किसी सुनसान जगह में जाकर थोड़ा विश्राम करो।"

अपने सृष्टिकर्ता को अपनी जवानी के समय स्मरण कर, कि तुझे पछताना न पड़े और तेरा जीवन परमेश्वर के आशीषों से भरा रहे।

परमेश्वर यिर्मयाह को अपने समय के लोगों के लिए ख़ास कार्य करने के लिए बुलाया।

परमेश्वर हरेक को अपने राज्य में विशेष स्थान देने के लिए बुलाता है जैसा उसने पतरस को बुलाया।

सभी को परमेश्वर, बिना शर्त प्रेम करता है, लेकिन केवल उन्हीं को अनन्त जीवन दिया जाता है जो कलवारी के क्रूस पर उनके लिए दिए गए उपहार को स्वीकार करते हैं।

मसीह की सबसे बड़ी इच्छा यह है कि सभी मनुष्य परमेश्वर के परिवार में पूर्ण पुनर्स्थापना का आनंद अनुभव करें।

पतरस यीशु से चंगाई और पुनर्स्थापना प्राप्त कर लोगों के लिए चंगाई का साधन बना।

पतरस यीशु से चंगाई और पुनर्स्थापना प्राप्त कर लोगों के लिए चंगाई का साधन बना।

मसीह के अनुयायियों के कार्य में शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक उपचार शामिल हैं, जब वे प्रार्थना और परमेश्वर के वचन के माध्यम से पीड़ितों की सेवा करते हैं।